नई दिल्ली- 98 वर्ष की आयु में भी माखनलाल सरकार भारतीय राजनीति में राष्ट्रवादी विचारधारा के पुराने और समर्पित नेताओं में गिने जाते हैं। आज़ादी के बाद देश में राष्ट्रवादी आंदोलन को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करने वाले शुरुआती नेताओं में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
साल 1952 में कश्मीर में भारतीय तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मौजूद थे। इस आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। यह आंदोलन उस समय राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रतीक के रूप में देखा गया था।
भाजपा की स्थापना के बाद संगठन विस्तार में निभाई बड़ी भूमिका
साल 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद माखनलाल सरकार को पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन समन्वयक बनाया गया। उन्होंने बेहद कम समय में पार्टी को मजबूत आधार देने का काम किया और मात्र एक वर्ष में करीब 10 हजार लोगों को भाजपा से जोड़ दिया।
इसके बाद साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उस दौर में यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, क्योंकि भाजपा में आमतौर पर किसी नेता का एक ही संगठनात्मक पद पर लंबे समय तक बने रहना दुर्लभ माना जाता था।
इधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में किया। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने नियमों के तहत लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल आर एन रवि के समक्ष नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।